"ग्वालियर में आज दिनांक तक भी नहीं मिला शिक्षकों को वेतन, पाई पाई के लिए हो रहे मजबूर।"
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में आज दिनांक 11 अगस्त तक भी शिक्षकों को जुलाई माह का वेतन नहीं मिला है। शिक्षक अपने घर खर्च के लिए पाई - पाई के लिए मोहताज हो रहे हैं। अधिकांश शिक्षकों पर बैंकों के लोन चल रहे हैं जिनकी EMI प्रतिमाह 5 तारीख तक जमा करना होती है। 5 तारीख के बाद बैंकों द्वारा शिक्षकों को डिफाल्टर करते हुए हजारों रुपयों का दण्ड लगा दिया जाता है।
शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश हैँ कि माह की 1 तारीख तक प्रतिमा शिक्षकों को वेतन भुगतान कर दिया जाए। उसके बावजूद भी शिक्षकों को वरिष्ठ कार्यालय के अधिकारियों संकुल प्रचार्यों, बेतन आहरण अधिकारियो एवं बाबूओं की लापरवाही के कारण वेतन समय पर प्राप्त नहीं हो रहा है। प्रति माह शिक्षकों को हजारों रुपए की पेनल्टी का भुगतान करना पड़ रहा है।जिसके कारण उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है तथा उनका सिविल स्कोर भी खराब हो रहा है जिसके कारण कोई भी बैंक शिक्षकों को लोन तक देने के लिए तैयार नहीं है।
. शासन के स्पष्ट निर्देश माह की एक तारीख तक अनिवार्य रूप से बेतन भुगतान कर दिया जाय, वरिष्ठ अधिकारियों संकुल प्राचार्यों , विकासखंड शिक्षा अधिकारीयों एवं उनके बाबुओं की लापरवाही का परिणाम शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। जिसके कारण शिक्षक मानसिक एवं आर्थिक रूप से परेशान है। लेकिन इस और किसी भी अधिकारी का ध्यान नहीं है।
हमारे ग्वालियर संवाददाता ने जब इस सम्बन्ध में कई बेतन आहरण अधिकारीयों के कार्यालय में बात कि तो उनके बाबूओं का जवाब था अधिकांशतः बेतन लेट का कारण संकुल केंद्र है। उनके द्वारा समय पर शिक्षकों की उपस्थिति नहीं भेजी जाती है। उन्होंने अपना नाम ना बताने कि शर्त पर उन संकुलों के भी नाम बताये जो बेतन लेट के कारण है।
. हमारे संबाददाता ने कई विकासखंड शिक्षा अधिकारीयों से जब हमारे संवाददाता ने बात की तो जिन जिनसे बात हुई सभी ने गोल गोल घुमाकर जवाब दिया लेकिन अपनी और अपने कार्यालय कि गलती किसी ने नहीं मानी। कई शिक्षकों ने अपना नाम ना छापने कि शर्त पर यहाँ तक कहा कि हम अपने बच्चों की समय पर फीस भी नहीं भर पा रहे हैँ। जिसके कारण स्कूल में panality, बैंको के लोन कि कस्ट लेट के कारण बैंक द्वारा panality। घर का राशन दूध का पेमेंट नहीं होने के कारण हम मानसिक रूप से इतने परेशान है कि किसी को बता नहीं सकते। सोचने कि बात है कि आज भविष्य निर्माता शिक्षक खुद ही इतना परेशान है तो दूसरों का भविष्य कैसे बनायेगा।
. इस समाचार के माध्यम से श्रीमान जिला शिक्षा अधिकारी महोदय ग्वालियर का ध्यान आकृष्ट कराना चाहूंगा कि वह प्रतिमाह होने वाली इन भविष्य निर्माताओं की बेतन सम्बन्धी समस्या को हल करने हेतु कोई ठोस कदम उठाएंगी। जिससे कि प्रतिमाह इन शिक्षकों को होने वाली आर्थिक एवं मानसिक समस्या से निजात मिल सके। वेतन जैसे अति महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियोँ (बाबूओं ) पर ठोस कार्यवाही कर आगे भविष्य में द्वारा ऐसी समस्या जान बूझकर निर्मित ना हो इसके लिए कोई न कोई आवश्यक ठोस कदम उठाएंगे।